Thursday, 29 October 2015

समस्तीचक : जाने अपने गाँव को


     


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ताज़ा खबर:-                                  
परिचय 

समस्तीचक गाँव  का यह पहला और अहम कदम है , जो इसे इंटरनेट पर प्रषिद्ध होने में मदद करेगा। गाँव  वासियोँ के लिए यह खबर खुशखबरी से कम नही होगा जब वो जानेंगे की उनका भी गाँव उन गिने -चुने गाँव में शामिल है जो इंटरनेट पर उपलब्ध है और वो भी हिंदी में। मैंने पहले इस वेबसाइट /ब्लॉग को अंग्रेजी में बनाया था परंतु गाँव की सम्पूर्ण जानकारी उस भाषा में सब तक पहुँचना मुश्किल था। यह पहला वेबसाइट /ब्लॉग है जो आपको अपने गाँव की  सम्पूर्ण जानकारी देगी।

समस्तीचक , बिहार राज्य का एक छोटा और खुशहाल गाँव है। यह गाँव पटना जिले के अन्तर्गत आता है और यह बिलकुल इस जिले के अंतिम छोर  पर स्तिथ है। कुछ लोग इसका उच्चारण समतीचक करते हैं हालांकि इसका सही उच्चारण समस्तीचक है। इस गाँव की आबादी (18 वर्ष और ऊपर ) 914 है ,जिसमे 490 पुरुष और 424 स्त्री है। (यह चुनाव आयोग द्वारा (2015 ) में जारी की गई आकड़ों के अनुसार है। ) इस गाँव का मुख्य भाषा मगही हिंदी है परन्तु लोग शुद्ध हिंदी का भी प्रयोग करते हैं। समस्तीचक गाँव का मुख्य भाग दो छोटे - छोटे टोलों से जुड़ा हुआ है। इन्ही दो टोलों और मुख्य गाँव को जोरकर , समस्तीचक एक सम्पूर्ण गाँव कहलाता है। इन दो टोलों का नाम - बेलदारी टोला और समस्तीचक मुसहरी के नाम से जाना जाता है। 

इस गाँव में दो सरकारी स्कूल थे - मध्य विद्यालय समस्तीचक और सरदार वल्लभ भाई पटेल हाई स्कूल।
सरदार वल्लभ भाई पटेल हाई स्कूल, भगवान गँज - समस्तीचक को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के किनारे स्तिथ है। हालाँकि यह विद्यालय कई वर्षों से बंद परा है। गांववासियों की मदद से यहां एक सरकारी अस्पताल का निर्माण हुआ है जो बिहार सरकार के वित्तीय मदद से संभव हो पाया है । इस गाँव ने अपने बल बुते एक नई मंदिर बनवाई है। यहां भगवान शिव शंकर के मूर्ति को स्थापित किया गया है। यह मंदिर "देवी स्थान" के नाम से प्रसिद्ध जगह पर बनवाया गया है। इस गाँव से सटे एक नहर भी पास कर रहा है , हालाँकि यह अभी पूर्ण रूप नहीं लिया है। इस गाँव का एक अपना खेलने का मैदान है जो की "समस्तीचक फील्ड" नाम से प्रषिद्ध है। इस गाँव में पक्की सड़क , बिजली और नाले भी उपलब्ध है जो आम आदमी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया है।

 इस गाँव के लोग मुख्य रूप से किसान हैं और खेतों में कड़ी मेहनत कर अपने परिवार का भरण - पोषण करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में मुर्गी पालन के व्यवसाय में जबरदस्त उछाल देखा गया है। इस गाँव में दो सामुदायिक भवन भी है - जिसमे एक पूर्ण रूप से निर्माण हो चूका है और यह ब्रह्मस्थान( ब्रह्मथानी नाम से प्रषिध ) में स्तिथ है और दूसरा गाँव के पूर्वी कोने पर स्तिथ है परन्तु इसका अभी पूर्ण  से निर्माण नहीं हुआ है। इस गाँव का सबसे नजदीकी बाजार "भगवन गंज बाजार" है और यह समस्तीचक से लगभग एक-डेढ़ किलोमीटर पर स्तिथ है। गाँव  कुछ लोग इस बाजार में अपना दूकान भी खोले हुए हैं। 

अपने कुछ जरूरी कामों के लिए लोग मसौढ़ी ( गाँव से 17 कि. मी. दूर ), पटना ( गाँव से 50 कि. मी. दूर ), जहानाबाद (गाँव से 20 कि. मी. दूर), सिगोड़ी (गाँव से 8 कि. मी. दूर ), अरवल ( गाँव से 15 कि. मी. दूर ), नदौल ( गाँव से 10 कि. मी. दूर ) आदि जगहों का दौरा करते हैं। यहाँ का आसपास इलाका पहले नक्सलियों के चपेट में था परन्तु 2005 के उपरान्त यानी की नितीश जी ( विकाश पुरुष ) के सरकार में आने के बाद शान्ति वातावरण कायम हुआ और जबरदस्त विकाश भी हुआ। यही कारण है की यहां के लोग नितीश जी का बड़ाई करते थकते नहीं हैं। इस गाँव से सटे एक पईन है जो की पटना जिला और जहानाबाद जिला को दो भागों में बाँटता है।  



गाँव से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी 


गाँव - समस्तीचक 
पंचायत - भगवान गंज 
थाना - भगवान गंज
डाक घर - भगवान गंज
पिन कोड - 804454 
मुखिया - कलावती देवी  
अंचल - मसौढ़ी 
प्रखंड - मसौढ़ी
अनुमंडल - मसौढ़ी 
जिला - पटना 
राज्य - बिहार 
देश - भारत 



मतदान सम्बंधित जानकारी 

विधानसभा क्षेत्र की संख्या,नाम व आरक्षण - 189, मसौढ़ी, अo जाo 
लोकसभा क्षेत्र की संख्या,नाम व आरक्षण - 31,पाटलिपुत्र,सामान्य  
मतदान केन्द्र - 133, मध्य विद्यालय समस्तीचक 
भाग संख्या -133 
मतदाताओ की कुल संख्या - 914 
पुरुष - 490 
महिला - 424 



गाँव की चौहदी 


उत्तर - रोहिला 
दक्षिण - जहानाबाद 
पूर्व - भगवानगंज 
पश्चिम - बेलौना 



महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर 


 पद 

 टेलीफोन नंबर 

 मोबाइल नंबर 

 ई - मेल 

 S . D. O . (मसौढ़ी )
 0612 - 2434111
 9473191203
sdo.masaurhi@gmail.com 
 D.C.L.R. (मसौढ़ी )
              -
 8544412366
 surajdc1@gmail.com
 B. D. O. (मसौढ़ी )
0612 - 2434248
 9431818637
 masaurhi.bdo@gmail.com
 D. S. P. (मसौढ़ी )
 0612 - 2435707
 9431800115

 भगवानगंज थाना 
0612 - 2614436 
9431822123 

 सीनियर एसपी , पटना 

0612 - 2214318 

0612 - 2219745 

0612 - 2320047 

0612 - 2321467 
         9431822967
 ssp-patna-bih@nic.in
 डीआइजी , (पटना) 
    0612 - 2219717 
    0612 - 2217660  
9431822955
 digpatna-bih@nic.in
 P.M.C.H. (पटना)
 0612 - 2670132


        एम्बुलेंस सेवा 
     102 /108 


    सर्किल अधिकारी 
     ( मसौढ़ी )
      
       8544412756

स्रोत :- http://patna.bih.nic.in/pages/




धर्म एवं जाति समीकरण


इस गाँव के सम्पूर्ण निवासी हिन्दू धर्म का पालन करते हैं। अगर जातिये दृष्टिकोण से देखा जाये तो यहाँ - कुर्मी ( गाँव के मुख्य भाग के निवासी और सबसे अधिक संख्या में उपलब्ध ), ठाकुर ( गाँव के मुख्य भाग के निवासी) कहार ( गाँव के मुख्य भाग के निवासी), गड़ेरी (गाँव के मुख्य भाग के निवासी), बेलदार (गाँव के उत्तरी हिसे में स्तिथ ), मुसहर ( गाँव के पूर्वी हिसे में स्तिथ, हालाँकि कुछ मुसहर समुदाय, बेलदारी टोला में भी है। )  यहां विभिन्न जाती के लोग एक साथ मिल-जुलकर रहते हैं। यह विविधता में एकता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करता है।



अस्पताल 

इस गाँव में एक सरकारी अस्पताल है जो गाँव के उत्तर दिशा में 400 से 500 मीटर  की दुरी पर स्तिथ है। यह अस्पताल समस्तीचक और भगवान गंज को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के किनारे ही है और ठीक हाई स्कुल के सामने है। इससे पहले ठीक उसी स्थान पर एक सरकारी अस्पताल था परन्तु समय के अनुसार वो उस जगह से विलुप्त हो गया और सिर्फ उसकी नीव बची थी। परन्तु गाँव वालो की लगातार दौर -धुप से वहां फिर एक बार नई एवं बेहतर सुविधावों वाला अस्पताल का निर्माण हो चूका है हालाँकि इसका अभी तक शुभारम्भ नहीं हो पाया है। गाँव वालों की माने तो वो चाहते है की उनका लोकप्रिय नेता श्रीमान नितीश कुमार ही इस अस्पताल का उदघाटन करे। इस अस्पताल के बनने से उम्मीद है की गाँव के लोगो के साथ -साथ आसपास के इलाके के गरीब परिवार को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। 





सड़क , बिजली और नाला 

इस गाँव में पक्की सड़क का जाल बिछा हुआ है। यहाँ सड़के हर घर-हर द्वार को जोड़ती है। इस गाँव में सड़को का पूर्ण रूप से निर्माण सन 2008-2009 में हुआ और यह निर्माण "प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना "के तहत हुआ है। ठीक इसी साल बिजली का भी आगमन हुआ , जो हर लोग के चेहरे पर मुस्कराहट लाई। सड़क निर्माण के साथ -साथ ही नाला का भी निर्माण हुआ। सड़क और बिजली दो ऐसे मुद्दे है जो आम लोगो को नई व्यवसाय करने में बहुत ही मददगार साबित हुआ। यही कारण है की आज काफी लोग मुर्गी पालन करना चाहते हैं। समस्तीचक तो अब मुर्गी पलकों का गढ़ सा बन गया है। 


2008 के पहले का एक समय था जब चारो ओर कच्ची सड़के हुआ करती थी और बिजली का तो कोई जिक्र ही नहीं था। शायं होते ही पूरा इलाका अँधेरे में ढक जाता था। बारिश होते ही सड़के नदी का रूप ले लेति थी और जीवन थम जाती थी। परन्तु आज दिन हो या रात लोग कभी भी बिना किसी संकोच के बाहर निकल पड़ते हैं। 



शिक्षा 




शिक्षा के क्षेत्र में भी यह गाँव काफी अव्वल है। साक्षरता का कोई सरकारी आंकड़ा तो नहीं है परन्तु काफी लोग पढ़े -लिखे हैं। इस गाँव के काफी लोग ऐसे हैं जो सरकारी नौकरी जैसे रेलवे , बैंक ,इंजीनियर आदि में जॉब करते हैं। 

यहां सरकारी स्कुल भी है जिसमे बच्चे पढ़ने जाते है। इस सरकारी स्कुल का नाम है - मध्य विद्यालय समस्तीचक। यहां प्रथम वर्ग से दसवी वर्ग तक के छात्र पढ़ते हैं। यह स्कुल मुख्य गाँव से उत्तर - पश्चिम में स्तिथ है जो की बेलदारी टोला के नजदीक है। इस स्कुल में तीन अलग - अलग बिल्डिंग है जो एकहि अहाता में है। यहां कुल 17 कमरे है और साथ ही शौचालय का भी प्रबंध है। यह स्कुल चुनाव के समय मतदान केंद्र के तौर पर भी इस्तेमाल होता है। इस स्कुल के प्रधानाध्यापक सुरेन्द्र प्रसाद सर है। जबकि यह एक सरकारी स्कुल तो यहां मध्याह्न भोजन मिलता है। 


इस स्कुल का मध्याह्न भोजन का निर्धारित मेनू है :-


स्रोत : http://www.madhyanbhojanvihar.in/Menu.aspx?s=10281200501



कुछ बच्चे नजदीक के सी. बी. एस. इ. स्कुल में भी पढ़ने जाते हैं जिसका नाम "टेरेसा इंटरनेशनल एकेडेमी " है। यह विद्यालय इस गाँव से 6 किलोमीटर की दुरी पर स्तिथ है। शाम में कुछ बच्चे कोचिंग भी जाते हैं। कुछ अपने गाँव में कोचिंग करते हैं तो कुछ भगवानगंज और आदमपुर भी जाया करते हैं। 





खेल का मैदान 




इस गाँव में एक खेल का मैदान भी है जो की मुख्य गाँव से पूर्व दिशा में है और समस्तीचक मुसहरी के नजदीक है। यह मैदान "समस्तीचक फील्ड " से प्रषिद्ध है। गाँव के बच्चे यहाँ फुटबॉल और क्रिकेट खेलने के लिए हमेशा आया करते है। इस मैदान में कई बार टूर्नामेंट और दूसरे गाँव के बीच मैच हो चूका है। इस फील्ड के चारो ओर दौरने या जॉगिंग करने के लिए सीमेंटेड ट्रैक भी बना हुआ है। हालाँकि पहले इस मैदान का आकार छोटा था परन्तु गाँव के लोगो की मदद से यह अब काफी बड़ा हो गया है। 

हाल ही में इस मैदान पर "समस्तीचक " बनाम "भगवानगंज थाना " एक क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ था। इसके आयोजककर्ता सुधीर कुमार (गाँव के बहुत बड़े व्यवसायी ) थे। यह मैच समस्तीचक गाँव के द्वारा ही जीता गया था। 



पलायन 



 यह एक जटिल समस्या है जिसका निवारण बहुत ही जरूरी है। गाँव के काफी लोग शहरो में बस गए है। कुछ लोग पैसे कमाने के लिए बाहर गए है तो बच्चे भी अपने अच्छी गुणवत्ता के शिक्षा के लिए शहरो में गए हैं। यही कारन है की गाँव में उतने लोग नहीं मिलेंगे जितना यहाँ की जनसँख्या है। ऐसे लोग आम तौर पर त्योहारों और पर्वो के मौके पर आते हैं। 

                
     समस्तीचक गूगल मानचित्र पर  (Google Map )





         

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Monday, 26 October 2015

Samastichak:Emerging Village



                                     इस वेबसाइट को हिंदी में पढ़े 





Samastichak’s footprint on internet...Samastichak is now available on internet and this is first step which will certainly make it more popular. With this, it now falls in the same category of those which are already available on internet. With the advent of internet and its immense popularity, there is not a single corner of globe where internet word is not heard. So how can Samastichak lag behind.


Samastichak is a village of Bihar. It comes under Patna district and located at its extreme boundary. Few people write the name of this village as samatichak or smastichak but its correct spelling is samastichak. It has population (18 years and above) of 924, out of which 490 are male and 424 are female. It has two governmental school –‘’Madhya vidyalay samastichak’’ and ‘’Sardar Vallabh Bhai Patel High school’’. However, ‘’High school’’ is not operational for the past 10+ years and only ‘’Madhya Vidyalay’’ is operational. It also has a governmental hospital which is newly constructed and still waiting for its inauguration (as on November2015). This hospital is in front of high school. Metaled roads to every door step and better electricity facility is also available here.
Main occupation of this village is agriculture as most of them are small or middle class farmers. Poultry farming is another sector, where farmers of this village have invested heavily. With the contribution of villagers, this village has a newly constructed temple of Lord Shiva.
Samastichak has got two community halls. One community hall is located at “Brahmsthan” (Popularly called as “Brahmthani”) and other located at easternmost part of central village (near statue of Late Sri Bindeshwar Prasad Singh), however this is still under construction (as on November2015). Nearest market to this village is Bhagwan Ganj Bazar, where people often go for their day to day work/need. Some people of this village have opened shops in the Bhagwan Ganj Bazar. And in case if some goods or articles are not available to their nearest market(Bhagwan Ganj) then people also go to Masaurhi (20 km from Samastichak), Patna (50km from Samastichak), Jehanabad (15km from Samastichak) or Sigori (7km from Samastichak).


Central part of this village is mainly dominated by Kurmi(an OBC caste of Bihar), however other caste people like Kahar, Gareri, Thakur (all are castes of Bihar) also live there. This village is an epitome of unity in diversity as different castes people live with each other happily. Central part of village has two wings-Samastichak Mushari, largely dominated by Mushars(an OBC caste of Bihar) and Beldari Tola, largely dominated by Beldars (an OBC caste of Bihar); however some Mushars also live to the south of Beldari Tola. As per information available on internet, it clearly shows that Saryu Bind or Sarju Bind is fighting legal battle. 
For more detail click the link given below:-
http://indiankanoon.org/doc/452223/?type=print

And his brother (Satish Bind) is also fighting a legal case. For more detail click on the link given below:-
http://indiankanoon.org/doc/1778209/?type=print






This village has a newly constructed governmental hospital. Earlier, at the same place there was a govt. hospital but over longer duration of time, the hospital was severely damaged. But with help of villagers, this village once again has got new and better hospital. Till now (as on November2015), it has not been inaugurated but after its inauguration, it is expected that sick families will be treated right here and they will not suffer. Earlier, in the search of governmental hospital people needed to go to Masaurhi and Patna which was really a difficult task.





This village has dense network of metaled roads which connects everyone’s doorstep. These roads were constructed under the scheme “Pradhan Mantri Gram Sadak Yojna”. Samastichak has better electricity facility, good network of drainage system. Day by Day, electricity availability is getting improved and now this village gets around 18hrs to 20hrs of electricity per day.
Before 2010, only unmetaled roads were there and there was no electricity and also the drainage system was not good enough. So people often faced problem in rainy season. Even if some urgent works were there, they didn’t come out of their houses. And as evening came closer, the whole village was submerged in darkness. But now those days are gone and everything is getting improved. Now even in night, people looking from far places can identify that any village is there.






Madhya vidyalay Samastichak is the name of the governmental School, which was constructed in the year 2005. This School has three different buildings in the same compound. This School is located at the corner of Beldari Tola and to the north of the central part of the village. This School has 17 Class Rooms. It is also equipped with lavatory. Here, students of class 1 to class 10 are enrolled in large number. This school is also used as polling station during both Parliamentary and Assembly Election. As this is a governmental school, so mead day meal(madhyanbhojan) is also provided as per the routine given below:-


Some children of this village also go to a nearby CBSE school-"Teresa International Academy" which is located in Khanpura.





Samastichak has a famous field popularly known as ‘’samastichak field’’ where cricket and football are often played.  Thios field is located in the east of central part of village and close to Samastichak  Mushari. This field is often used for playing cricket matches between two villages. Recently in holi a cricket match was oraganised by Sudhir kumar (Hardware tycoon of village) in which the participating team were ‘’Bhagawanganj Thana’’ and ‘’samastichak’’. And it is proud to say that samastichak won the game. Few diginatry guests like SDO, BDO……..also arrived to witness the match.
Earlier, the area of the field was small but with the intervention of villagers, its area has been increased and also there is cemented running /jogging track at its perimeter.






This is another sector where farmers of this village have invested a lot and it is for this reason, samastichak alone has …………. Poultry farm and few more is under construction. Farmers buy poultry items from their dealers and they used to sell their chicken in markets which includes Patna, Jehanabad, Arwal etc. This has emerged as good source of income for farmers. However they also suffer loss when there is no/less demand.